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Raigar Samaj ke gaurav

      रैगर समाज की गौरवगाथा बहुत लम्‍बी है । हमारे समाज में अनेकों मनिषियों का जन्‍म हुआ जिन्‍होंने हमारे समाज के गौरव को चार चाँद लगाए और समाज को गौरवान्वित किया है । उनकी यशो गाथाऐं सदा-सदा के लिए अमर रहती है, अतीत के सुनहरे कल को आज जिन्‍होने प्रेरणा स्‍त्रोत के रूप में दिखाया, ऐसी महानआत्‍माओं को हम कोटी-कोटी प्रणाम करते है जिनके सदकर्मों से समाज गोरवान्वित हुआ है । ऐसे हमारे समाज के महात्‍माओं ने हमारी आने वाली पीढ़ि के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा स्‍त्रोत बनकर समाज को और गौरवशाली बनाते हुए एक आदर्श व अनुपम उदाहरण प्रस्‍तुत किया है । हमारे समाज में अनेको ऐसी विभुतियों हुई है जिन्‍होंने समाज के साथ-साथ देश के लिए भी अपना बलिदान दिया है । हमारे समाज के बन्‍धुओं ने ऐतिहासीक कार्य किए जिन्‍हें आज मिसाल के तोर पर देखा जाता है । हमारे समाज में समाज सुधारक ऐसे कई संत महात्‍मा हुए है उनमें अनुभव के आलोक, आदर्श जीवन की प्रतिभा धर्मगुरू स्‍वामी ज्ञानस्‍वरूपजी महाराज और आदर्श प्रतिभा के धनी त्‍यागमूर्ति स्‍वामी आत्‍मारामजी लक्ष्‍य ने अपना पूरा जीवन सम्‍पर्पित कर दिया । रैगर बन्‍धुओं ने अपने क्षत्रिय होने का प्रमाण देते हुए स्‍वतन्‍त्रता संग्राम की लड़ाई में अग्रेजों से लोहा लिया ओर देश की आजादी में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई ओर अपना जीवन देश के लिए बलिदान कर दिया ओर समय आने पर स्‍वतन्‍त्रता सेनानीयों ने समाज की सेवा भी की ओर समाज हीत में भी अपना योगदान दिया । समाज के राज‍नीतिज्ञों ने समाज को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक नई पहचान दिलाते हुए देश की सेवा की है और समाज ने राजनीति में भी अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद दिये है जिनसे समाज का गौरव बढ़ाया है । हमारे समाज के उदार हृदय, सरलता की प्रतिमूर्ति श्री धर्मदास जी शास्‍त्री, दानवीर धर्मनिष्‍ठ भामाशाह सेठ श्री भंवर लाल जी नवल, श्री हजारीलाल जाटोलिया एवं श्री एस.के. दास साहब हमारे समाज के ऐसे रत्‍न है जिनका समाज हमेशा आभारी रहेगा इनके सदकर्मों एवम् महान कार्यों ने समाज का मान-सम्‍मान बढ़ाया है ओर समाज को एक नई दिशा और गति प्रदान की है धर्मदास जी शास्‍त्री ने चतुर्थ अखिल भारतीय रैगर महासम्‍मेलन, जयपुर में इन्दिरा गांधी को समाज के बीच लाकर खड़ा किया यह रैगर समाज के इतिहास में बहुत ही सुनेहरा अवसर था, सेठ भंवर लाल जी नवल ने समाज में सेकडो विवाह सम्‍मेलन निशुल्‍क करवाकर नया र्कितीमान बनाकर रैगर समाज का गौरव बढाया तथा समाज के लिए अनकों छात्रावास बनवाये है ओर समाज के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा की है ओर कर रहे है । एस.के. दास जी ने अपनी उच्‍च शासकीय सेवाओं से समाज के गौरव में अदभूत प्रतिभा का परिचय दिया है कर्तव्‍य निष्‍ठ, निडर, ईमानदार व सेवा में समर्पित श्री दास ने मध्‍य प्रदेश में कई कुख्‍यात तस्‍कर एवं उग्रवादी की धर पकड़कर महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रैगर समाज का नाम रोशन किया है जो समाज के लिए गर्व की बात हैं । ऐसी हमारे समाज की महान आत्‍माओं एवं महात्‍माओं ने हमारी आने वाली पीढ़ि के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा स्‍त्रोत बनकर समाज को और गौरवशाली बनाते हुए एक आदर्श व अनुपम उदाहरण प्रस्‍तुत किया है ।

 

ईश-वन्‍दना

 

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्‍य मार्ग पर डट जाएं ।
पर सेवा पर उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जाएं ।।
हम दीन दु:खी निबलों विकलों, के सेवक बन सन्‍ताप हरें ।
जो हैं अटके भूले-भटके, उनको तारें खुद तर जाएं ।।
छल दम्‍भ द्वेष पाखंड झूँठ, अन्‍याय से निशि-दिन दूर रहें ।
जीवन हो शुद्ध सरल अपना, शुचि प्रेम सुधा रस बरसाएं ।।
निज आन मान मर्यादा का, प्रभु ध्‍यान रहे अभिमान रहे ।
जिस देश जाति में जन्‍म लिया, बलिदान उसी पर हो जाएं ।।

 

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