ऐसा कुछ कर जाये याद रखे संसार

         आज नफरत की हम तोड़ दीवारें । आपस मे सब प्यार करे॥
कभी ना सच से माने हार । ऐसा रैगर सदव्यवहार करे॥
झूठ पर कर मनन विचार । आज ही समाजहित बंद करे पापाचार॥
सभ्य-निर्मल समाज का सपना सलौना । हाथ सभी बढ़ाकर करे साकार॥
होंसला रख ऐसा कुछ कर जाये । रेगर हित साधना याद रखे घर- संसार॥

 

लेखक

हरीश सुवासिया

एम. ए. [हिंदी] बी. एड. (दलित लेखक,संपादक)

देवली कला जिला- पाली मो॰ 09784403104

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