सामाजिक लेख

October 28, 2018 in Articles, Samajik Lekh, Samajik Mudde

नशा एक अभिशाप !

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October 28, 2018 in Articles, Samajik Lekh, Samajik Mudde

दहेज प्रथा एक अभिशाप !

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September 19, 2018 in Articles, Samajik Lekh, Shiksha Margdarshi lekh

हमारे जीवन में शिक्षा का महत्व

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

सामाजिक संगठनो पर नौकरशाहों का कब्जा

आज देश के दलित-आदिवासी संगठनो पर नजर डाले तो, आज देखेगें की इन संगठनों का महत्व नही के बराबर है। वे कौनसे कारण है कि यह संगठन ना तो, समाज…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

बुद्विजीवी नही चाहता, समाज का विकास

आप कहेगे की यह क्या कह रहें हैं, मैं ठीक कह रहा हूँ कि, आज जो समाज पिछड़ा हुआ है, उसके लिए कौन जिम्‍मेदार है और आखिर क्या कारण है?,…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व, कैसे बढे़

राजनीति अर्थात् ऐसी नीति जो हमे राजा बना दे । भारत देश की शासन व्यवस्था लोकतांत्रिक है । जिसे नेता चलाते है, जिसके लिये किसी शैक्षिक योग्यता की जरूरत नही…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

संगठनों में बंटता समाज

जब समाज के विकास की बात हो और सामाजिक संस्‍थाओं व संगठनों पर चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता । आज हम उन्ही संस्थाओं और संगठनों की बात कर…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

सामाजिक बदलाव का दौर

जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, वैसे-वैसे इस देश के सामाजिक परिवेश में बदलाव भी आ रहे हैं । कही मानसिक-भावात्मक तो कही तकनीकी-सामाजिक । वास्तविक परिस्थितियों पर चर्चा करे तो,…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

सामाजिक सम्मेलनों की सार्थकता

समाज की बात करते है तो, संगठन का भी प्रश्न सामने नजर आता है, कि समाज को कैसे संगठित किया जाये । समाज को संगठित करने मे सम्मेलन, बैठको, विचार…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज को ठगने के प्रयास में नेता

एक बार फिर वह मौसम आ गया है । मैं बात सर्दी के मौसम की नही, चुनावी मौसम की कर रहा हूँ । राजस्थान सरकार भी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

पूर्वजों या पितरों के प्रति हमारा कर्त्तव्‍य

श्रद्धासमन्वितैर्दत्तं पितृभ्यो नामगोत्रतः । यदाहारास्तु ते जातास्तदाहारत्वमेति तत् । ।   ‘श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

गलत इतिहास लेखन के दुष्‍परिणाम !

मनुष्य में अपने पूर्वजों का इतिहास जानने की जिज्ञासा हमेशा रही है । हजारो वर्षों से अपमानित, शोषित एंव उपेक्षित दलित वर्ग की अछूत जातियां अपने वजूद को जलाशती हुई…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

पेराशूट से उतरते पदाधिकारी

आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण बिन्दु पर चर्चा करने जा रहे है, जिसका संस्था की सफलता और असफलता मे महत्वपूर्ण योगदान होता है, किसी भी संस्था का संचालन उसके पदाधिकारियों…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी सवालों के घेरे में !

आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे है, जिस पर हमे गम्भीर रूप से मंथन करने की आवश्यकता है, आज हमारे बीच मे अनेक सामाजिक व गैर…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज की धार्मिक अंधता

हमारा समाज गाँव-गाँव और गली-गली मन्दिरों के निर्माण में लाखों रूपये व्‍यर्थ गवां रहा है । इन मन्दिरों में असामाजिक तत्‍व जुआ खेलते हैं, ताश खेलते हैं, शराब पीते हैं…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

क्रांतिकारी गुरू रविदास की बाणीया

गुरू रैदास प्रारम्भ से ही क्रांतिकारी विचारधारा के थे उन्होने ब्राह्यणों के चारों वेदों का खण्डन किया, उन्होने ब्राह्यण धर्म के सभी रीति-रिवाज़ो यज्ञ, श्राद्ध, मंदिरों मे पूजा पाठ, आदि…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

अंधविश्‍वास जाग रहे है और समाज सो रहा है !

एक गरीब आदमी कड़ी मेहनत, मजदुरी कर के पाई-पाई जमा करता है ताकि उसके बाल बच्चों का लालन-पालन अच्छे से अच्छा हो । ऐसी सोच हर मां-बाप की होती है…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

खर्चीले रस्मों-रिवाज़ झूंठी प्रतिष्ठा के प्रतिक

 1. वर्तमान समाज व्‍यवस्‍था गरीबों के शोषण की व्‍यवस्‍था :- वर्तमान समाज-व्‍यवस्‍था का ताना-बाना बनाने वाले सुविधाभोगी वर्ग ने इस तरह बनाया है जिसमें श्रमजीवी कर्मजीवी, मेहनतकश गरीब जन्‍म से मरण…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

सामाजिक संस्थाओं के चुनाव और धन की बर्बादी !

आज सामाजिक संस्थाओं के चुनाव की बात करे, तो हमे सर्वप्रथम इस बिन्दु पर विचार करना होगा कि, हमारे सामाजिक नेतृत्व का चुनाव कैसे किया जाना चाहिये, चुनाव कि बात…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज का विकास और हमारा दृष्टिकोण

जहां तक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का प्रश्न है:-  वर्तमान परिस्थितियों में इसके लिए ढांचा तैयार करने में कुछ समय चाहिए लेकिन यदि हम तुरन्त करना चाहते है तो हमें…

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February 27, 2018 in Articles, massages, Samajik Lekh

नशे को शत-प्रतिशत प्रतिबँधित करे

पहले आदमी शराब पीता है, फिर शराब, शराब को पीती है और अंत में शराब आदमी को निगलने लग जाती है। आज गाँवों, शहरों में उत्सव, शादी-ब्याह, जन्‌म-मरणोपरांत के समारोहों…

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February 27, 2018 in Ambedkarwadi lekh, Articles, Samajik Lekh

भारत में ही आरक्षण क्यो?

बात ’’इण्डिया दैट इज भारत ’’की करे तो आरक्षण को नजर अन्दाज नही किया जा सकता । प्रश्न यह उठता है कि आरक्षण व्यवस्था इण्डिया मे ही क्यो है ।…

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February 27, 2018 in Ambedkarwadi lekh, Articles, Samajik Lekh

आरक्षण की सुरक्षा एक चुनोती

आरक्षण क्या है, क्या यह केवल एक वर्ग विशेष का दिया जाने वाला फायदा है या उनके उत्थान के लिए अपनाये जाने वाला साधन। आज हमारे लोकतंत्र मे वोट हासिल…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

भारतीय समाज व्यवस्था एवं शूद्र

डॉ. अम्‍बेडकर एक समाज सुधारक और समाज व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन का समर्थन करने वाले दार्शनिक थे । उनकी साधना बहुमुखी थी । उन्होंने सदियों से दलित समाज को आत्मविश्वास…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज का नेतृत्व कैसा होना चाहीये !

समाज के नेतृत्व का प्रश्न है तो हमे यह कभी नही भुलना चाहिये कि समाज को दिशा देना, नई सोच प्रदान करना, भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करना, समाज के लोगों…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

” क्रांतिकारी रैदास ”

किसी ने कहा है की जिस कौम का इतिहास नही होता, उस कौम का कोई भविष्य नही होता, आज दलित समाज की बात करे तो भगवान बुद्ध के बाद दलित…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

आज भी हो रहा है दलि‍तों के अधि‍कारों का हनन

भगवान की बनाई गई इस दुनिया के जीवों में सबसे श्रेष्ठ प्राणी मनुष्‍य है | मनुष्य विवेकशील, प्रज्ञावान और स्वाभाव से हीw मानवता के प्रति संवेदनशील होता है | सारे…

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February 27, 2018 in Articles, Raigar Samaj lekh, Samajik Lekh

समाज के विकास के जिम्‍मेदार कौन ?

आज जिसको देखो समाज के विकास की बात करता है जिसमे, बड़े-बूढे, शिक्षित, अशिक्षित, डाक्टर, इंजीनियर, वकील, राजपत्र अधिकारी सभी शामिल है। यदि किसी से पूछा जाये कि आपने समाज…

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February 27, 2018 in Articles, Samajik Lekh

राजस्थान में छुआछुत उन्मूलन हेतु किए गए प्रयत्न

राजस्थान में अछूतों की स्थिति – राजस्थान राज्य के समाज में विभिन्न वर्गों और जातियों के लोग निवास करते थे। अन्य प्रान्तों की अपेक्षा राजस्थान में छुआछूत की प्रथा अधिक थी। राजस्थान…

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February 27, 2018 in Articles, Raigar Samaj lekh, Samajik Lekh

‘रैगर समाज और संगठन शक्ति’

‘संगठन में शक्ति है ।’ इस मूल मंत्र को समझे और क्रियांवित करे । संगठन से बड़ी कोई शक्ति नहीं है । बिना संगठन के कोई भी देश व समाज सुचारू…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज के प्रति हमारा दायित्व और जवाबदेहीता

चलिए आज हम बात करते है, अपने सामाजिक दायित्व की । यह ठीक वैसा ही प्रश्न है, जैसा कि, एक संतान का अपने माता-पिता के प्रति क्या दायित्व और जवाबदेहीता…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

20 वीं शताब्दी मे दलित आंदोलन के परिणाम

19 वीं शताब्दी के प्रारम्‍भ में दलित आंदोलन कि शुरूआत हिन्दुओ के भीतर ही हुई, जिसमे छुआछुत, मंदिरो मे जाना आदि समस्याओ के निराकरण स्वरूप इसका प्रारम्भ हुआ । 20…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

मृत्‍यु-भोज (नुक्‍ता-मोसर-गंगाप्रसादी) कानूनी शिकन्‍जे में

हिन्‍दू-धर्म व समाज व्‍यवस्‍था के अनेक संस्‍कार व मान्‍यताये अपराध बन गये :-  हजारों वर्षों के धार्मिक अंधी आस्‍था व वर्ण व्‍यवस्‍था के काले युग में जन्‍मी-पनपी अनेक मान्‍यताएं, परम्‍पराएं…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

लोक देवता पीरों के पीर – श्री बाबा रामदेव जी

भारत विभिन्‍न धर्मों का संगम स्‍थल है जो इसकी सांस्‍कृतिक एकता का प्रतिरूप हैं । यहाँ पर धर्म व सम्‍प्रदायों की पहचान उनके त्‍यौहारों उत्‍सवों, पूजा अर्चना तथा आराध्‍य देवी-देवताओं…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

समाज क्‍या है ?

समाज क्‍या है ? (सामाजिक विचार एवं उत्‍थान मार्ग-दर्शन)     समाज की उत्‍पत्ति : आदिकाल का मानव ही हमारे समाज का जन्‍मदाता है । समाज शब्‍द ‘सभ्‍य मानव जगत’  का…

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February 21, 2018 in Articles, Samajik Lekh

हम और हमारा समाज

हम और हमारा समाज   समाज शब्‍द ‘सभ्‍य मानव जगत’ का सूक्ष्‍म स्‍वरूप एवं सार है । सभ्‍य का प्रथम अक्षर ‘स’ मानव का प्रथम अक्षर ‘मा’ जगत का प्रथम अक्षर ‘ज’ इन तीनों प्रथम अक्षरों के सम्मिश्रण…

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February 21, 2018 in Samajik Lekh

बाल विवाह एक अभिशाप

बाल विवाह एक अभिशाप बचपन जो एक गीली मिट्टी के घडे के समान होता है इसे जिस रूप में ढाला जाए वो उस रूप में ढल जाता है । जिस…

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February 20, 2018 in Articles, Samajik Lekh

रक्तदान महादान

स्वैच्छिक रक्तदान एक ऐसा पुनीत सेवा कार्य है, जिसका कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि रक्तदान द्वारा किसी को नवजीवन देकर जो आत्मिक सुख प्राप्त होता है, उसका न तो मूल्यांकन…

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