अखिल भारतीय रैगर महासभा के लिए दिये गए कुछ सुझाव

वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, जो स्थिति बन रही है, उसके तहत् अखिल भारतीय रेगर महासभा के संविधान में काफी हद तक बदलाव की आवश्यकता है। आज रेगर समाज संख्याबल में ज्यादा होते हुए भी अन्य समाजों की तुलना में पिछङा हुआ है। जबकी अन्य समाज आज राजनितिक, सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक, संसाधन, एकता, धार्मिक दृष्टिकोण आदि में सभी में प्रगति कर रहे हैं। पदोन्नति के आरक्षण के साथ अन्य जातिगत जनगणना, विधार्थी मित्र, पैराटीचर्स जैसी योजनाओं से केवल हमें ही अन्य समाज की तुलना में हानि हो रही है। प्रभावशाली जातियों ने सरकारी योजनाओं, नियमों का फायदा अपने लिये किया है । काफी हद तक ठंबाकववत मदजतल की है। इसलिये हमारा दायित्व व दायरा काफी विस्तृत करने की जरुरत है । इसलिये हमारे सुझाव निम्न है –

 

महासभा संविधान संशोधन सुझाव:-
# राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला स्तर, तहसील स्तर, पंचायत/गांव स्तर पर एक कार्यकारिणी हो ।

# उक्त कार्यकारिणी जहां तक हो सके रजिस्टर्ड संस्थान या ट्रस्ट के रुप में हो ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके ।

# आय के लिए विभिन्न स्त्रोतों की व्यवस्था करना ।

# सदस्यता शुल्क न्युनतम 100 रुपये रखा जावे ।

# 5 वर्ष से चुनाव करवाया जाना ।

# राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी महापंचायत , पांच वर्ष में एक बार हो तथा हो सके तो विधानसभा चुनाओं को देखते हुए आयोजन किया जावे । समाज के सभी लोगों को आमंत्रित किया जावे ।

# राजनितिक भागीदारी की सुनिश्चितता के लिए सरकार पर दबाव बनाना व समाज के लोगों को लोक सभा विधानसभा व अन्य चुनावों के लिए टिकट दिलानें के लिए प्रयासरत रहना ।

# शिक्षा के सन्दर्भ में RAS. IAS. IIT. MBBS व अन्य प्रतियोगिताओं के लिए कोचिंग संस्थान की व्यवस्था करवायी जावे ।

# जहां तक हो सके हर कार्यकारिणी ऑन लाईन होनी चाहिए ।

# सामाजिक विवाद व अन्य विवादों का निस्तारण के लिए रिटायर्ड ज्युडिशियल अफसरों की सेवाऐं ली जावें ।

# वर्तमान में विभिन्न प्रकार की व्यवस्था का अध्ययन करते हुए अग्रसर होना, ताकि हमारे समाज को वर्तमान Systems किसी प्रकार का नुकसान न हो ।

# समय समय पर सरकारी योजनाओ वगेरह के बारे में Update रखना ।
# उद्योग धन्धे आर्थिक मामले में निवेश व अन्य आवश्यकताओ के लिए समाज के हित के लिए उपाय तलाशना ।

# सामाजिक बुराईयो की रोकथाम के लिए विशेष सक्रिय प्रयास करना ।

# हर कार्यकारिणी में सम्पर्क के लिए एक स्थाई नियुक्ति हो, जो व्यक्ति समाज के हर व्यक्ति की हर सम्भव हर प्रकार की मदद करे ।

# एस.सी. एस.टी. संगठनो से जुड़ाव रखना व अन्य समाजों से भी सम्पर्क रखना ।

# हर कार्यकारिणी की अपनी स्वयं की भूमि हो तथा भवन भी निर्मित होना चाहिये ।

# प्रशासनिक सेवाओ में ज्यादा जाने के लिए प्रेरित करना ।

# हर कार्यकारिणी का एक दूसरे से सम्पर्क रखना ।

# समाज के सभी नागरिको का डाटा बेस तैयार करने के लिए एक समग्र योजना बनाई जानी चाहिए ।

# समाज के नागरिको का एक आई कार्ड बनाया जाना चाहिए। साथ ही समाज के लोगो की जानकारी को ऑन लाईन Internet पर उपलब्ध करवाये जाने का प्रयास करना ।

 

महत्वपुर्ण- संविधान संशोधन चुनाव पद्धति व अन्यप्रकार के परिवर्तन इस प्रकार किया जाये कि रैगर समाज के अध्यक्ष के आह्वान पर समस्त रैगर समाज एकत्रित हो, तथा रैगर समाज के किसी भी व्यक्ति के कठिनाई आने पर रैगर समाज का अध्यक्ष व उसकी कार्यकारिणी हर संभव मदद के लिये तत्पर रहे ।

 

मॉडल
अखिल भारतीय रेगर महासभा की चुनाव पद्धति

 

# राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकारिणी (अध्यक्ष व 10 सदस्यीय कार्यकारिणी )
# राज्य स्तर पर कार्यकारिणी (अध्यक्ष व 10 सदस्यीय कार्यकारिणी )
# जिला स्तर पर कार्यकारिणी (अध्यक्ष व 10 सदस्यीय कार्यकारिणी )
# तहसील/विधान सभा स्तर पर कार्यकारिणी (अध्यक्ष व 10 सदस्यीय कार्यकारिणी )
# पंचायत या गांव स्तर पर कार्यकारिणी (अध्यक्ष व 3 या 10 सदस्यीय कार्यकारिणी )

 

चुनाव पद्धति के लिए सुझाव:-

 

# हर कार्यकारिणी रजिस्टर्ड होनी चाहिऐ या इसके लिए प्रयासरत रहना चाहिऐ ।

# सदस्यता शुल्क देने वाला व्यक्ति ही मत का अधिकारी होना चाहिऐ ।

# राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी की पांच साल में एक बार महा पंचायत होनी चाहिए जिसमे समाज के सभी लोग सम्मिलित हो ।

# राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी की साल में दो बार मिटिंग हो जिसमे राज्य स्तर की कार्यकारिणी तथा अगर सम्भव हो सके तो जिला स्तर की कार्यकारिणी को भी शामिल किया जाये ।

# राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी के नैतृत्व में अन्य सभी कार्यकारिणी कार्य करेगी ।

# राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी समाज व समाज के लोगो के विकास के लिए नीतियां निर्धारण करेगी, उसी के अनुसार राज्य स्तर , जिला स्तर , तहसील स्तर की कार्यकारिणी कार्य करेगी व अपनी स्वयं की योजना तैयार करेगी ।

# राज्य स्तर की कार्यकारिणी भी साल में तीन बार मिटिंग करेगी जिसमे जिला स्तर की कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होगे ।

# जिला स्तर की कार्यकारिणी भी साल में तीन बार मिटिंग करेगी जिसमे तहसील स्तर की कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होगे ।

# तहसील स्तर की कार्यकारिणी भी साल में तीन बार मिटिंग करेगी जिसमे पंचायत स्तर की कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होगे ।

# प्रत्येक कार्यकारिणी का चुनाव एक नियत तारीख पर पांच साल में एक बार होगा , हो सके तो जून या दिसम्बर महिने में चुनाव कराये जाने चाहिए ।

# जो समाज का व्यक्ति अखिल भारतीय रेगर महासभा का रजिस्टर्ड सदस्य होगा वह व्यक्ति इस महासभा की समस्त कार्यकारिणी से प्राप्त होने वाले लाभ का अधिकारी होगा ।

# राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी के चुनाव में राज्य स्तर, जिला स्तर एवम् तहसील स्तर की कार्यकारिणी भाग लेगी ।

# राज्य स्तर की कार्यकारिणी के चुनाव में जिला स्तर एवम् तहसील स्तर की कार्यकारिणी भाग लेगी ।

# जिला स्तर की कार्यकारिणी के चुनाव में तहसील स्तर की कार्यकारिणी भाग लेगी ।

# तहसील स्तर की कार्यकारिणी के चुनाव में पंचायत स्तर की कार्यकारिणी भाग लेगी ।

# चुनाव में अखिल भारतीय रेगर महासभा का सदस्य ही भाग लेगा व वोट देने व चुनाव लड़ने का अधिकारी रहेगा ।

# हर कार्यकारिणी के चुनाव में सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले 11 व्यक्तियो को लिया जायेगा, जिसमे सर्वाधिक मत वाले व्यक्ति को अध्यक्ष, उससे न्यूनतम मत वाले व्यक्ति को उपाध्यक्ष, व अन्य 9 व्यक्ति कार्यकारिणी के सदस्य होगे ।

# इस चुनाव पद्धति में किसी प्रकार की गुटबाजी नही होगी ।

# यह चुनाव पद्धति बेहद कम खर्चीली व बेहद कम समय में सम्पन्न होने वाली होगी ।

# हर कार्यकारिणी का निर्णय बहुमत से लिया जायेगा ।

सौजन्य-  रैगर समाज, परबतसर, जिला- नागौर(राज.)

लेखक

धन्नाराम चौहान
सहायक अभियंता, जन स्वा. अभि. विभाग
मो.-9414548761 

 

लेखक

गजराज चौहान
अधिवक्ता, राज. उच्च न्यायालय
मो.-9667095750

 

लेखक

अशोक चौहान
सदस्य, जिला परिषद, नागौर
मो.-9828779886

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