• समाज सेवा में समर्पित एक पुरोधा – श्री मदनलाल दोलिया
  • तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह द्वारा रजत पदक ’’रैगर भूषण’’ से सम्मानित
  • तत्कालीन अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल माता प्रसाद द्वारा ’’डॉ0 अम्बेडकर फैलोशिप’’ से सम्मानित

समाज सेवा का जुनून हर व्यक्ति में हो सकता है, लेकिन उसके लिए उसमें त्याग की भावना और रूचि का होना भी बेहद जरूरी होता है। इसी संदर्भ मे समाज सेवा में समर्पित एक शख्सियत का नाम है अजमेर निवासी श्री मदनलाल दोलिया।

श्री मदनलाल दोलिया की समाज सेवा में रूचि बचपन से ही रही है। वे समाज को उॅंचाइयों पर देखने की ललक रखते है। आपका हमेशा प्रयास रहा है कि समाज संगठित रहकर विकास करें, समाज को शिक्षित करने में लडका लडकी को बराबरी की शिक्षा दिलवायें, समाज शिक्षित होकर उच्च पदों पर जाकर समाज व देश को सेवा करें, समाज में फेली कुरूतियॉं, अशिक्षा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, मृत्युभोज जैसे आयोजन/प्रयोजनों पर अंकुश लगाकर विकास की धारा से जुडे।

आपका जन्म 27 फरवरी, 1937 को अजमेर निवासी स्व0 श्री रूपनारायण दोलिया के यहां हुआ। आपने स्नातक तक पढाई करने के पश्चात रेलवे डाकसेवा मे नौकरी की, सरकारी नौकरी में रहते हुए आपने समाज सेवा का सिलसिला जारी रखा। आप समाज की पंच-पंचायतो में काफी भाग लेते रहे है। सत्र 1963 मे मंत्री रैगर पंचायत डिग्गी अजमेर, अजमेर, अजमेर जिला नगर सुधार समिति मे 1976 से 1982 तक कार्यकारिणी सदस्य, अखिल भारतीय रैगर पंचायत समिति एवं पुष्कर में 1964 मे सदस्य स्वागत समिति में रहे। अखिल भारतीय रैगर महासभा में 1977 मे उपमंत्री व राष्ट्रपति उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रहकर आपने सेवाएं दी है। इसके अलावा महामंत्री अखिल भारतीय रैगर पंचायत समिति सात पट्टी, श्री गंगा माता मन्दिर पुष्कर तथा रेगर समाज सामूहिक विवाह समिति श्री गंगा मन्दिर पुष्कर रहे। इसके अलावा अध्यक्ष भारतीय बौद्व महासभा जिला अजमेर, कार्यकारिणी सदस्य रैगर धर्मशाला, हरिद्वार, रामदेवरा रहे तथा इनके विकास हेतु धन संग्रह हेतु अथक प्रयास किया। उपाध्यक्ष श्री आत्माराम लक्ष्य छात्रावास रीगंस, सीकर, राजस्थान प्रांतीय रैगर महासभा, जयपुर तथा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण परिषद, अजमेर तथा प्रदेश संयोजक नेशनल कान्फ्रेस ऑफ दलित आर्गेनाइजेशन, नैक्डोर, नई दिल्ली रहे। आपने समाज की पीडा को समझते हुए ग्राम नरवर, दिलवाडी, श्रीनगर, रामनेर की ढाणी मकरेडा, सराधना, जिला अजमेर में रैगर समाज पर हुए सवंर्णो द्वारा अत्याचारो का निराकरण करवाया। अखिल भारतीय रैगर महासम्मेलन, जयपुर 1984 में स्वागत समिति में सदस्य रहकर धनसंग्रह का कार्य किया। इनके अलावा उपाध्यक्ष अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक कर्मचारी कल्याण संघ, नई दिल्ली, अजमेर नगर दलित वर्ग संघ रहे। आपको लगन, समाजसेवा एवं कार्यकुशलता के कारण ही पुष्कर में महामंत्री 1993 से 2018 तक बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

आप महासभा में कार्यकारिणी सदस्य तथा उपाध्यक्ष के रूप मे सराहनीय सेवाएं देकर समाज को त्याग और सेवा का संदेश दिया है। सत्र 2008 में आपकी सेवाओं के लिए नगर परिषद, अजमेर के सभामति धर्मेन्द्र गहलोत ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर सम्मानित किया। अखिल भारतीय रैगर महासम्मेलन, नई दिल्ली में 1986 में विज्ञान भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने रजत पदक देकर रैगर भूषण से अलकृंत किया। 15वें राष्ट्रिय दलित साहित्यकर सम्मेलन, नई दिल्ली में 1999 में मुख्य अतिथि अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल माता प्रसाद ने आपको डॉ0अम्बेडकर फैलोशिप का सम्मान प्रदान किया। आपने छात्र जीवन से ही समाज उत्थान के लिए अनेक रचनात्मक कार्य किया।

 

आपकी शादी ब्यावर निवासी हंसराज जाटोलिया की सुपुत्री श्रीमती केसर देवी के साथ हुआ। आपके तीन पुत्रों मे चन्द्रशेखर दोलिया, प्रबन्धक, स्टेट बैंक आफॅ इण्डिया, स्वर्गीय सुशील कुमार दोलिया, भारतीय मानक ब्यूरों में सर्विसद्ध तथा राजकुमार दोलिया, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरों में सेवाएं दे रहे है। इस प्रकार आप विभिन्न संगठनों से जुडकर अपनी सेवाएं देकर समाज को लाभान्वित करते रहे है। आप रैगर समाज के शेर के नाम से विख्यात सुखराज सिंह नोगिया के साथ समाज सुधार में अपनी अहम भूमिका निभाकर समाज का आशीर्वाद लिया। आपकी ये सेवाएं समाज को हमेशा याद रहेगी। श्री मदनलाल दोलिया का जन्म दिनांक 27.02.1937 को हुआ और दिनांक 25.03.2018 को सायंकल मे अचानक साइलेंट अटैक आने से स्वर्गवास हो गया था। इन्होंने अपने पीछे सम्पूर्ण परिवार को शिक्षित कर उच्च पदों पर अपनी सेवाएं देते छोड गये।

Raj Kumar Dolia Son of Shri Madan Lal Dolia
C.B.I. Office, Jaipur
Mob. No. 9413804410