उदयपुर के रैगर बधू ने बनाया अनोखा हेलमेट बिना पहने मोटरसाइकिल स्टार्ट नहीं होगी

By August 26, 2018latest_news

उदयपुर। रैगर समाज की एक ऐसी प्रतिभा निखर कर उदयपुर से सामने आई है की उसने देश में समाज के नाम रोशन कर अपना लोहा मनवाया। विद्याभवन पॉलिटेक्निक कॅालेज का होनहार छात्र भगवती लाल रेगर ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओ में बिना हेलमेट के होने वाली मौत को रोकने के लिए ऐसी सरल तकनीक इजाद कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जिसमें बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चला पाना संभव नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट को और सफल बनाने में अगर ऑटोमोबाइल्स कम्पनी या सरकार मदद करती है तो यह पहल पुलिस-प्रशासन से लेकर आमजन के लिए बेहतर साबित होगी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान के राजसमंद जिले के केलवा गाँव का निवासी और विद्या भवन पॉलिटेक्निक कॅालेज का होनहार छात्र भगवती लाल रेगर ने “लाइफ प्रोटेक्शन यूजिंग स्मार्ट टेक्नोलॉजी’ नाम से यह प्रोजेक्ट बनाया है। हेलमेट में आरएफ ट्रांसमीटर और बाइक में आरएफ रिसीवर लगाया गया है। दोनों रेडियो सिग्नल से आपस में जुड़े हैं। व्यक्ति जब मोटरसाइकिल चलाने से पहले हेलमेट को पहनेगा तो ट्रांसमीटर में लगा बटन दबेगा और उस बटन के दबते ही गाड़ी स्टार्ट होगी। यह हेलमेट बाइक में चाबी का काम भी करेगा। इस हेलमेट का प्रयोग से बाइक चोरी की वारदात को रोकने में भी कारगर होगा । आप अपनी बाइक को खड़ी कर दें, मगर हेलमेट को अपने हाथ रखें। ऐसे में कोई भी आपकी बाइक को स्टार्ट नहीं कर पाएगा।

छात्र भगवती लाल रेगर का कहना है कि सरकार के तमाम जागरूकता अभियान के बावजूद लोग बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं पहनते। जबकि सड़क दुर्घटना में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हेलमेट का सिर पर नहीं होना है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आंकड़े बताते हैं कि देश में हर मिनट में एक और एक दिन में 1214 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, इसमें प्रतिदिन 16 लोग रोड दुर्घटना में मारे जाते हैं। इसमें 25 प्रतिशत दुपहिया वाहन से होने वाली दुर्घटनाएं हैं।

गीतांजली कॉलेज ऑफ टेक्निकल स्टडीज में हुई राष्ट्रीय स्तरीय एग्जीबिशन में यह प्रोजेक्ट दूसरे स्थान पर रहा। इसके लिए स्टूडेंट्स को पुरस्कार स्वरूप 16 हजार रुपए दिए गए। इस एग्जीबिशन में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के करीब 150 प्रतिभागियों ने उच्च तकनीक पर आधारित अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए थे। जिसमें उदयपुर के इस प्रोजेक्ट को काफी सराहा गया।

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